राजस्थानी रसोई

ढोकला

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सामग्रीdokala

1. बेसन -250 ग्राम

2. खाने वाला सोडा -चुटकी भर

3. इनो फ्रूट साल्ट -आधा छोटा चम्मच

4. अदरक हरी मिर्च का पेस्ट -एक चम्मच

5. हल्दी पाउडर -चुटकी भर

6. तेल -एक चम्मच

7. नीबू का रस

8. हींग -चुटकी भर

9. चीनी -एक बड़ा चम्मच

10. सरसों के दाने -एक छोटा चम्मच

11. करी पत्ता -पाँच छ

12. नमक स्वादानुसार

विधि

· बेसन मे हल्दी ,नमक,चीनी,मिर्च-अदरक का पेस्ट और पानी मिलाये और गाढ़ा घोल बना लें

· इस घोल मे एक चम्मच तेल मिलाये और इनो साल्ट,नीबू का रस मिलाएँ और खमीर उठने दें

· अब थाली मे चिकनाई लगा कर पेस्ट फैला दें

· अब इस पेस्ट को 12-13 मिनट तक स्टीम करे (इस मिश्रण मे चाकू डाल कर देख लें अगर मिश्रण चाकू पर ना चिपके तो समझ लें की ढोकला पक गया है

· ढोकले को दस मिनट तक ठंडा होने दें अब चौकोर टुकड़ो मे काट लें और प्लेट मे रख लें

· थोड़ा सा तेल गर्म करे उसमे सरसों और करी पत्ते का छौक तैयार करके ढोकले पर डालें और गर्म गर्म सर्व करें

भरवाँ गज़ल –

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कई दिन हो गए मुझे ब्लॉग लिखते हुए … पहली बार कुछ लिखना शुरू किया था मैंने … पोस्ट करने के बाद हर बार मेरी नज़र ब्लॉग के स्टेटस पर जाती है … उत्सुकता होती है कि मुझे कितने लोगों ने पढ़ा … कल जब मेरे पाठक बहुत कम हो गए…ग्राफ सीधे नीचे गोता लगा गया था कल …. तो सोचा आज क्यों न कोई नयी और अनूठी रेसिपी पेश करूँ… कुछ मित्रों की शिकायत थी कि आप विधि तो बताती हैं पर कभी बना कर खिलाइये भी … तो आज पेश है आपको एक तैयार रेसिपी – स्वाद लें (पसंद आये तो आशीष भी दें)

भरवाँ गज़ल –

सामग्री-
1. केसरिया जज़्बात
2. प्यार की चाशनी
3. तीखी यादें
4. आंसुओं का नमक
5. एहसास की खुशबू
6. मिजाज़ का खट्टा
इन सब को मिला कर दिल हौले हौले भरें और गम की मद्धम आंच पर पकाएं … और ठंडा होने से पहले ही सर्व करें … (नोट- ये रेसिपी दिलजलों की बस्ती में बड़ी चाव से इस्तेमाल की जाती है….)
आप को नज़र है नोश फरमाएं—
तनहाइयों का सिलसिला ये कैसा है
गर वो मेरा है तो फासला ये कैसा है

तुम न आओगे कभी ये मै जानती हूँ
फिर तेरी यादो का काफिला ये कैसा है

कभी नाचती थी खुशियाँ मेरे आंगन में
अब उदासियों का मरहला ये कैसा है

देख लूँ उसको तो दिल को सुकूं आये
मुझे जान से प्यारा दिलजला ये कैसा है

एहसास हो जायेगा मेरे जज़्बात का तुझको
देख मेरी आँखों में ज़लज़ला ये कैसा है

न इश्क ही जीता और न दिल ही हारा
वफ़ा की राह में मेरा हौसला ये कैसा है

हौसला तुझमे भी नहीं है जुदा होने का
दूर हो कर भी भला मामला ये कैसा है
(ये मेरी पहली गज़ल है …. अगर पसंद आये तो हौसला दें)

राजस्थानी कढी

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सामग्री
१- दही २५ ग्राम
२- बेसन – ५० ग्राम
३- जीरा थोडा सा
४- राई – थोड़ी सी
५- करी पत्ता – – ५-६
६- मेथी दाना थोडा सा
७- साबुत बोर मिर्च – थोड़ी सी
८- अजवाइन – थोड़ी सी
९- हींग – चुटकी भर
१०- हरी मिर्च बारीक कटी
११- अदरक पेस्ट – एक चम्मच छोटा
१२- हरा धनिया
१३- नमक स्वादानुसार
विधि —
• दही और बेसन को पानी मिला कर मथनी से अच्छी तरह फेट लें
• इस में लाल मिर्च, नमक और हल्दी पावडर डालें
• दस से बीस मिटात तक उबालें
• अब एक पैन में थोडा सा तेल गरम कर के
• राई हींग, अजवाइन, मेथी दाना, करी पत्ता, मिर्ची, हरी मिर्च और अदरक का छौंक लगाएं
• अब इस तडके में उबला हुआ दही बेसन डाल दें
• और हरी धनिया से सजा कर गरम गरम सर्व करें

केर सांगरी

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सामग्री —-
१- सांगरी – दो सौ पचास ग्राम
२- केर – पचास ग्राम
३- गुंदा – पचीस ग्राम
४- कुमठिया – पचीस ग्राम
५- खजूर – पचीस ग्राम
६- किशमिश – पचीस ग्राम
७- सौंफ – पचीस ग्राम
८- राई –पचास ग्राम
९- मिर्ची पाउडर –थोडा
१०- हल्दी पावडर _ थोडा
११- धनिया पावडर – थोडा
१२- गरम मसाला – थोडा
१३- हींग- थोडा
१४- साबुत बोर मिर्च –तोडा
१५- नमक – स्वाद अनुसार
विधि—–
सांगरी, केर, गूंदा, कुमठिया और खजूर को प्रेशर कुकर में एक सीटी होनेपर पीसी राई नमक मिला कर रख दें. एक बर्तन में सौ ग्राम तेल गरम करें उसमे राई, सौंफ, किशमिश तथा साबुत बोर-मिर्च का तकड़ा दें फिर उसमे केर सांगरी का उबाला हुआ मिश्रण सभी को मिला कर मिर्ची हल्दी धनिया अमचूर गरम मसाला पावडर हींग तथा नमक डाल दें.
इन सब को मिला कर गरम गरम सर्व करें

चूरमा लड्डू

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सामग्री-
१- गेहूं का आटा – आधा किलो
२- सूजी – २५० ग्राम
३- देसी घी- २५० ग्राम
४- पीसी शक्कर – ३५० ग्राम
५- इलाइची पावडर – थोडा सा
६- काजू बादाम – ५० ग्राम
विधि –
• सूजी और गेहूं के आटे में १०० ग्राम घी डाल कर थोड़े से पानी से कड़क आटा गूंध लें
• आटे की मोटी मोटी रोटियां बना कर तवे पर धीमी आंच पर दोनों तरफ सेंक लें
• रोटी ठंडी होने पर बारीक टुकड़े कर के मिक्सी में पीस लें और छान कर अलग रख लें
• अब चूरमे में शक्कर घी इलायची पावडर तथा बारीक कुटे काजू और बादाम डालकर मिक्स करें
• अब छोटे लड्डू बना कर रख लें और चूरमा लड्डू के मज़े लें

गट्टे का साग

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सामग्री-
१- बेसन – २५० ग्राम
२- जीरा एक चम्मच (छोटा)
३- साबुत धनिया – दो चम्मच(छोटा)
४- अजवाइन – एक चम्मच (छोटा)
५- सौंफ – दो ग्राम
६- लालमिर्च पावडर – थोड़ी सी
७- हल्दी पावडर – एक चम्मच( छोटा)
८- धनिया पावडर – दो चम्मच (छोटा)
९- नमक स्वादानुसार
१०- तेल १०० ग्राम
११- सोडा चुटकी भर
१२- करी पत्ते चार पांच
१३- हरा धनिया – बारीक कटा
१४- दही – एक किलो
विधि (गट्टे के लिए)

• बेसन में आधा चम्मच जीरा, एक चम्मच साबुत धनिया, सौंफ, आधा चम्मच अजवाइन, लाल मिर्च, चुटकी भर हल्दी,सोडा, और नमक डालें
• थोडा सा तेल डाल कर पानी से गूंध लें
• अब इनकी लंबी लंबी लोइयां बना कर उबलते पानी में १५-२० मिनट तक उबाल लें
• ठंडा होने पर छोटे टुकड़ों में काट लें (चाहें तो गट्टे को फ्राई भी कर सकते हैं)
विधि- (साग के लिए)-
• एक बर्तन में तेल डाल कर थोडा थोडा जीरा, अजवाइन, साबुत धनिया और करी पत्ते का छौक लगाएं.
• फिर छौक में लाल मिर्च पावडर हल्दी पावडर और धनिया पावडर डाल कर गट्टा डाल दें
• थोड़ी देर पकने के बाद दही डाल कर चलाते रहें, ताकि दही फटने न पाए
• हरा धनिया और थोडा सा गरम मसाला डाल कर गरम गरम परोसें

दाल बाटी

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रंगीलो राजस्थान……..जहां कि रेतीली भूमि आज भी वहा के राजपूतो की शोर्यगाथा सुनती है जहा आज भी ढोला मारू के प्यार की कहानियां गूंजती है सावन में मोर नाचते है पपीहे गाते है उनकी पीहू पीहू दिल में हुक सी जगाती है….जहां औरते आज रंग बिरंगे लहंगा चुनरी में सजी वहा की मारवाड की संस्क्रती को दर्शाती है और उतने ही प्यार से मेहमानों का स्वागत करती है आइये आप को राजस्थानी रसोई में ले कर चलते है……………..

दालबाटी
सामग्री बाटी के लिए……….
आटा –चार कप
बेसन –एक कप
घी –एक कप09-dal
दही –आधा कप
अजवाइन –एक छोटा चम्मच
नमक –स्वादानुसार
विधि
आटे में दही,बेसन ,घी ,अजवाइन तथा जरूरत के अनुसार पानी डाल कर नरम गूंध लें नींबू के आकार की गोलियाँ बना लें .ढक कर एक घंटे के लिए रख दें गर्म कोयले पर बारी बारी से सुनहरा होने तक सेक ले फिर गर्म घी में डाल कर रखें

सामग्री दाल के लिए………….
मूंग की छिलके वाली दाल –सौ ग्राम
चना दाल –पचास ग्राम
अरहर दाल –पचास ग्राम
उडद दाल –पचास ग्राम
प्याज बारीक़ कटी –एक
टमाटर बारीक़ कटा –एक
हर धनिया –थोडा सा
घी –दो छोटा चम्मच
हल्दी –आधा छोटा चम्मच
गर्म मसाला –आधा छोटा चम्मच
लाल मिर्च –एक बड़ा चम्मच
लहसुन अदरक का पेस्ट –एक छोटा चम्मच
हींग –चुटकी भर
नीबू –एक
विधि
सभी दाले एक साथ उबाल कर रख लें .एक पतीली में दो चम्मच घी डाल कर जीरा,तेज पत्ता और चुटकी भर हींग डालें .प्याज तथा अदरक लहसुन का पेस्ट डाल कर भूरा होने तक भून लें टमाटर डाल कर थोड़ी देर पकाएं .फिर सभी मसाले,दाल तथा नमक डाल कर रस गढा होने तक पकाएं दाल को हरे धनिया से सजाएं नीबू निचोड़ दें (खाते समय गर्म बाटी को दाल में डुबो कर खाएं
(दाल के सम्बन्ध में नीचे सागर नाहर जी की टिप्पणी उल्लेखनीय है कृपया देखें)